बृहस्पति ग्रह के बिषय में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी हिन्दी में............

 *🔷बृहस्पति ग्रह 🔷 Jupiter*

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✅बृहस्पति ग्रह सूर्य से दूरी अनुसार पांचवा ग्रह है। 


✅ बृहस्पति का एक दिन बाकी सभी ग्रहों से छोटा होता है। यह केवल 9 घंटे 55 मिनट में अपनी धुरी के समक्ष एक चक्कर पुरा कर लेता है।


✅यह आकार और द्रव्यमान(वज़न) में बाकी सभी ग्रहों से बड़ा है। यह धरती से सूर्य, चाँद और शुक्र के बाद सबसे ज्यादा चमकीला दिखता है।


✅ अकेले बृहस्पति का द्रव्यमान बाकी सभी ग्रहों के कुल द्रव्यमान से ढाई गुणा ज्यादा है। पृथ्वी से 317.83 गुणा ज्यादा है।

✔बृहस्पति ग्रह की रूपरेखा –


📌 द्रव्यमान (Mass) – 18,98,130 खरब किलोग्राम (पृथ्वी से 317.83 गुणा ज्यादा)

📌भू – मध्य रेखिए व्यास (Equaterial Diameter) – 1,42,984 किलोमीटर

📌 ध्रुवीय व्यास (Polar Diameter) – 1,33,709 किलोमीटर

📌भू-मध्य रेखा की लंबाई (Equaterial Circumference) – 4,39,264 किलोमीटर

📌ज्ञात उपग्रह – 67

📌सूर्य से दूरी – 77 करोड़ 83 लाख 40 हज़ार 821 किलोमीटर या 5.2 AU (1 AU = सूर्य से पृथ्वी की दूरी)

📌 एक साल – पृथ्वी के 11.86 साल (4332.82 दिन) के बराबर

📌 सतह का औसतन तापमान – -108°C


✅ बृहस्पति का वायुमंडल बादलों की कई परतों और पेटियो से बना है। 


✅हम जो बृहस्पति के चित्र देख पाते हैं वह बृहस्पति के ऊपर स्थित इन बादलों की परतों और पेटियों के ही होते हैं। यह बादल विभिन्न तत्वों की रसायनिक प्रतिक्रियाओ के कारण रंग-बिरंगे नज़र आते हैं।


✅ बृहस्पति के बादलों के नीचे इसकी सतह है जो कि ठोस नहीं बल्कि गैसीय है। इस का गैसीय घनत्व गहराई के साथ बढ़ता जाता है।


✅ बृहस्पति ग्रह 90% हाईड्रोजन, 10 % प्रतीशत हीलीयम और कुछ कु मात्रा में मीथेन, पानी, अमोनिया और चट्टानी कणों से बना हुआ है।


✅ बृहस्पति पर पिछले 350 सालों से एक बवंडर चल रहा है जो कि लाल बादलों से बना हुआ है। 


✅यह बवंडर इतना बड़ा है कि इसमें तीन पृथ्वीयां समा सकती हैं। चित्रों में देखने पर यह एक धब्बे की तरह नज़र आता है और इसे बृहस्पति की लाल आँख भी कहते हैं। असल में यह एक उच्च दबाव वाला क्षेत्र है जिसके बादल कुछ ज्यादा ही ऊँचे और आसपास के क्षेत्रों से ठंडे है। 


✅ऐसे ही कुछ अन्य छोटे-छोटे बवंडर बृहस्पति समेत शनि और नेप्च्चुन पर भी देखे गए हैं। वैज्ञानिक अब तक पता नही लगा पाए कि ये उच्च दबाव के क्षेत्र इतने लंबे समय तक कैसे बने रहते हैं।


✅सन् 1610 में गैलीलीयो ने सबसे पहले बृहस्पति को दूरबीन से देखा था। उसने इस ग्रह के चार सबसे बड़े उपग्रहों – आयो, युरोपा, गनीमीड और कैलीस्टो की खोज की थी।


✅ इन उपग्रहों को अब गैलीलीयन उपग्रह कहते हैं। इनमें से गनीमीड उपग्रह सौर मंडल में सबसे बड़ा उपग्रह है जो कि बुद्ध ग्रह से भी ज्यादा बड़ा है।



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